ईडब्ल्यूएस को शहरी व पंचायत चुनावों में भी मिले आरक्षण- दिनेश ब्यास

सामाजिक संघठनो ने उठाई आवाज, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
बूंदी, राजस्थान । देईखेड़ा क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को शहरी निकायों और पंचायत चुनावों में भी आरक्षण दिए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जब केंद्र सरकार ने EWS वर्ग को संवैधानिक मान्यता प्रदान करते हुए शिक्षा व सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है, तो लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई पंचायतों और नगर निकायों से इस वर्ग को वंचित रखना अन्यायपूर्ण है।
सामाजिक कार्यकत्ताओं का कहना है कि चुनावी राजनीति में भागीदारी से ही समाज का वास्तविक सशक्तिकरण होता है। यदि EWS वर्ग को भी पंचायत व निकाय चुनावों में आरक्षण मिलेगा तो समाज के गरीब तबके की आवाज़ सीधे सत्ता और शासन के स्तर तक पहुँचेगी। इससे स्थानीय स्तर पर योजनाओं और विकास कार्यों में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित होगी।
गौतम समाज के जिलाउपाध्यक्ष हेमराज गौतम इंदरगढ़ ने कहा कि “जब सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, तो EWS वर्ग को इससे अलग क्यों रखा गया है? लोकतंत्र में समान अवसर सबको मिलना चाहिए।”
गौतम ब्राहाम्ण समाज के इंदरगढ़ तहसील अध्यक्ष दिनेश व्यास देईखेड़ा ने कहा कि “EWS के युवाओं में राजनीति में आने का उत्साह है, लेकिन आरक्षण न होने से उनकी भागीदारी सीमित हो जाती है। सरकार को तुरंत इस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।”

महासभा के जिला मंत्री गिरिराज गौतम मालिक पूरा ने भी कहा कि “गांव की समस्याओं को समझने और उन्हें हल कराने के लिए EWS वर्ग से भी प्रतिनिधि चुने जाने चाहिए। जब तक उन्हें राजनीतिक आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आवाज़ मजबूत नहीं होगी।”

लोगों ने राज्य सरकार से मांग करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को भेजे ज्ञापन मांग की है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र ही कानूनी प्रावधान लाए जाएं, ताकि EWS वर्ग को न्याय मिल सके और लोकतंत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। ज्ञापन भेजेने वालो में जिला उपाध्यक्ष पवन गौतम गणेश गौतम गोविन्द गौतम रघुनंदन गौतम मुकेश गौतम शम्भूदयाल गौतम राजेन्द्र गौतम विवेक शर्मा विक्की आदि शामिल रहे

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