मुख्य अतिथि एडिशनल एसपी ने कहा गुरु और शिष्य के संबंधों पर कई प्रेरक प्रसंग मौजूद हैं, जो ज्ञान, विनम्रता और आत्म-सुधार जैसे महत्वपूर्ण सबक सिखाते हैं। गुरु अपने शिष्य को जीवन की चुनौतियों का सामना करना और दूसरों की आलोचना करने के बजाय खुद में सुधार करना सिखाते हैं। वे शिष्य को अहंकार और घमंड से बचने की सलाह देते हैं।
राजा टोडरमल स्मारक समिति राजस्व सुरक्षा सेवादल (RSSD) के संस्थापक अध्यक्ष संजय पुरी ने कहा शिष्य को ज्ञान के प्रति समर्पण और रिश्तों की गहराई का महत्व भी बताते हैं। प्रथम गुरु माता-पिता दूसरे गुरु शिक्षक होते हैं जो पढ़ा लिखा कर उसको मुकाम पर पहुंचाने का काम करते हैं, साथ साथ देश का नाम रोशन करते हैं,नाम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर राजा टोडरमल स्मारक समिति राजस्व सुरक्षा सेवा दल की राष्ट्रीय सचिव प्रीती पुरी तत्सत सेवा संस्थान व राजा टोडरमल सांस्कृतिक रंगमंच के अध्यक्ष अभय श्रीवास्तव, संरक्षक अजीत श्रीवास्तव,मानस मेला समिति के अध्यक्ष विशंभर दयाल तिवारी, भाजपा नगर अध्यक्ष पंकज पांडेय,राजस्व सुरक्षा सेवादल जिला अध्यक्ष शिवनाथ मिश्रा, राजा टोडर स्मारक समिति जिला मीडिया प्रभारी संतोष कुमार राव अर्नव न्यूज़ संपादक सतीश आर्य नगर महिला अध्यक्ष नीलम गॉड पिछड़ा वर्ग महिला अध्यक्ष इंदू रानी, जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार सिंह, सुशील कुमार, सहित सैकड़ो की संख्या में शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रही।
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