मार्बल कंपनियों द्वारा नहीं किया जा रहा शासकीय गाइडलाइन का पालन, जिम्मेदार मौन, अपशिष्ट प्रबंधन के नहीं हैं कोई इंतजाम

ओजस्वी मार्बल,समदडिया मार्बल,एवं श्रीराम मार्बल द्वारा तालाब एवं सरकारी नाले में बहाया जा रहा है वेस्ट
कटनी, मध्य प्रदेश । विभागों द्वारा उद्योगों को लाइसेंस प्रदान करते समय अच्छी खासी सरकारी गाइडलाइन की सूची पकड़ा दी जाती है।जिसका पालन कंपनियों को करना होता है।शासकीय नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित विभागों द्वारा कारवाही करने का भी प्रावधान रहता है।

मामला जिले की स्लीमनाबाद तहसील क्षेत्र के मार्बल उद्योग से जुड़ा है।कटनी जिले की मार्बल सिटी कहे जाने वाले ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद के ग्राम हरदुआ में स्टोन पार्क की भूमि दर्जनों मार्बल कंपनिया स्थापित हैं। उद्योग विभाग द्वारा स्थापित स्टोन पार्क की स्थापना का मुख्य उद्देश्य कटनी जिले को मार्बल उद्योग के रूप में स्थापित करना एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना था। इसके विपरीत मार्बल कंपनियों द्वारा शासकीय गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए मनमाने ढंग से उद्योगों का संचालन किया जाता है।
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अपशिष्ट प्रबंधन के नहीं हैं इंतजाम
मार्बल कंपनियों द्वारा मार्बल वेस्ट के निपटान की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है,जिससे कंपनियों द्वारा मार्बल वेस्ट कही पर भी फेक दिया जाता है। ओजस्वी मार्बल,समदडिया मार्बल,श्रीराम मार्बल जैसे बड़ी कंपनियों का वेस्ट मटेरियल तालाब में बहा दिया जाता है जो कि सरकारी भूमि से होते हुए सरकारी नाले में जाता है जिससे सरकारी नाला चोक हो गया है।एवं मार्बल वेस्ट बहाने की वजह से जमीन बंजर हो रही है जहां दुबारा घास भी उगना मुश्किल हो जाता है।

मवेशियों की जान पर खतरा बना हुआ है मार्बल उद्योग
मार्बल वेस्ट पानी के साथ तालाब में बहा देने की वजह से मवेशी एवं जीव जंतु वेस्ट मिला हुआ पानी पीते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य एवं जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। क्योंकि जहां कीचड़नुमा वेस्ट बहाया जाता है वह पर तार बाड़ी आदि की कोई व्यवस्था कंपनियों द्वारा नहीं की जाती है।
जिसमें फंसकर मवेशियों एवं जंगली जीवी की मौत तक हो जाती है। क्षेत्रवासियों को इस समस्या से कब तक निजात मिलेगी यह बड़ा प्रश्न बन हुआ है।

बिरसामुंडा आदिवासी महासभा करेगी आंदोलन
उक्त समस्या को देखते हुए क्षेत्र के लोग अब मुखर होने लगे है। स्लीमनाबाद के प्रमुख संगठन बिरसा मुंडा आदिवासी महासभा के अध्यक्ष सुरेश कोल ने बताया कि समस्या की शिकायत ज्ञापन के माध्यम से तहसीलदार स्लीमनाबाद को बताई जाएगी।निराकरण नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

इनका कहना है 
इस समस्या की जानकारी मुझे नहीं है।यदि किसी के द्वारा शिकायत की जाती है तो जांच करवाई जाएगी।
- सारिका रावत, तहसीलदार स्लीमनाबाद ।

जिला ब्यूरो- अनिल चौधरी, कटनी, मध्य प्रदेश ।

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