जांजगीर-चांपा । जिले के ग्राम पंचायत पचोरी में सरपंच एवं सरपंच पति के होते हुए भी उनके देवर महेश कर्ष के द्वारा सरपंच पद का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाल ही में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीडीएस दुकान हेतु आवंटित भूमि के लिए सरपंच के देवर महेश कर्ष के द्वारा जोगिया तालाब के पार को जेसीबी से उखाड़ दिया है। और तालाब की ओर मिट्टी को गिरा दिया है जिससे वहां पर लगे एक नीम का पेड़ एवं अन्य छोटे बड़े पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। और एक नीम का बड़ा पेड़ तालाब की ओर गिरा पड़ा है। साथ ही साथ पिछले पंचवर्षीय में खुदाई किया गया बोर को भी उखाड़ दिया गया है ।
एक तरफ सरकार नल जल योजना लगाकर पानी की सप्लाई को जन जन तक पहुंचा रहा है। पानी की कमी को पूरा कर रहा है वहीं दूसरी ओर सरपंच सुलोचना कर्ष के देवर महेश कर्ष के द्वारा पिछले 15 वित्त की राशि से बने बोर को क्षतिग्रस्त कर उखाड़ दिया है। और पंचायत को मनमाने ढंग से चलाने का प्रयास कर रहा है। जबकि वह उसका अधिकार नहीं है और न ही वो कोई जन प्रतिनिधि है। फिर भी दबंगई दिखाते हुए मनमानी कर रहा है।
जैजैपुर विधायक के साथ ताल मेल अच्छा होने के चलते उनके संबंध अच्छा होने के कारण महेश कर्ष का हौसला बुलंद है। बोलता है की मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा क्योंकि सबको कमीशन देता हूँ और मेरा विधायक के साथ संबंध अच्छे है कहकर जैजैपुर विधायक का धौंस दिखाकर पचोरी ग्राम पंचायत के भोले भाले लोगों को गुमराह कर भयभीत कर रहा है। जबकि तालाब के पार में ही वही पर हाई टेंशन ट्रांसफार्मर लगा हुआ है इसलिए भूमि के निरीक्षण में आए एसडीओ बम्हनीडीह एवं इंजीनियर के द्वारा उस जगह को अस्वीकृत कर दिया गया लेकिन पिछले पंचवर्षीय के 15 वित राशि से बने हैंडपंप भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया ।
इसका जिम्मेदार कौन?
इसी तरह ग्राम पंचायत में भी इनका अर्थात देवर महेश कर्ष का दखल बहुत ज्यादा है। जो लोगों के लिए अच्छा नहीं है जो लोगों को ठीक नहीं लग रहा है सरपंच सुलोचना कर्ष एवं उनके पति को ग्राम सभा में या ग्राम पंचायत के बैठक में नहीं आने देता और खुद ही ग्राम सभा ग्राम पंचायत की बैठक में पहुंच जाता है। जबकि सरपंच श्रीमती सुलोचना कर्ष के देवर का कोई अधिकार नहीं है फिर भी मनमाने ढंग से पंचायत को चलने का प्रयास किया जा रहा है और बैठक में जो कुछ भी प्रस्ताव, सुझाव, निर्णय लिया जाता है। उन सब बातों का सरपंच श्रीमती सुलोचना कर्ष एवं सरपंच पति रमेश कर्ष को जानकारी ही नहीं होता है और पिछले पंचवर्षीय का बकाया राशि 9, 59, 000 (नौ लाख फिफ्टीनाईन थाउजेंड कुछ रूपये जो बचा है उसको भी फर्जी साइन कर सरपंच के देवर महेश कर्ष के द्वारा आहरण कर लिया गया है। जबकि महेश कर्ष के भाभी श्रीमती सुलोचना कर्ष सरपंच पद पर है फिर भी देवर के द्वारा ग्राम पंचायत को मनमाने तरीके से चलाता जा रहा है।
इस तरह से सरपंच पद का दुरुपयोग उनके देवर महेश कर्ष के द्वारा किया जा रहा है और इस तरह सरपंच पद के अधिकारों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही साथ उसके पद गरिमा और उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। और हर जगह पर उनका फर्जी हस्ताक्षर कर पंचायत को चलाया चल रहा है। यह सब पचोरी के लोगों को उचित नहीं लग रहा है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं। या फिर उन्हें भी पैसों का लालच देकर अपनी ओर कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे।
जिला ब्यूरो- आनंद मराठे जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ ।
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