महराजगंज । मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन की भनक मिलते ही जिला प्रशासन की नींद खुल गई है। महीनों से गंदगी और अव्यवस्था से जूझ रहे शिकारपुर चौराहा को बुधवार को अचानक चमका दिया गया। ताबड़तोड़ सफाई अभियान चलाकर कूड़ा हटाया गया, सड़क किनारे जमा गंदगी साफ कराई गई और कर्मचारियों की उपस्थिति दिखाने के लिए सफाई ड्यूटी रोस्टर तक चस्पा कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहा कबाड़ और धूल में डूबा हुआ था, लेकिन अधिकारियों की नज़र कभी नहीं पड़ी। रोजाना आवाजाही करने वाले लोग बदहाल हालात में सफर करने को मजबूर थे, मगर प्रशासनिक लापरवाही लगातार बनी रही। "अमला तब तक नहीं हिलता जब तक ऊपर से दबाव न आए,” लोगों ने तंज कसा।
सीएम दौरे की तैयारी में अब कर्मचारी सुबह से शाम तक चौराहे को चमकाने में जुटे हुए हैं। इससे एक बार फिर वही पुराना सवाल उठ खड़ा हुआ है-क्या जिले की सफाई और व्यवस्था सिर्फ वीआईपी मूवमेंट पर ही निर्भर करती है? आम दिनों में यही उत्साह क्यों नहीं दिखता ?
जनता का मानना है कि अगर रोजाना इसी तरह सफाई हो जाए तो क्षेत्र हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रह सकता है। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकारी बैठकों में उलझे रहते हैं और मैदानी अमला अक्सर अपनी जिम्मेदारी निभाने में ढिलाई दिखाता है।
फिलहाल, सीएम दौरे से पहले शिकारपुर चौराहे की काया जरूर पलट गई है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या यह सफाई अभियान स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनेगा या फिर सीएम के हेलिकॉप्टर के उड़ते ही चौराहा दोबारा अपनी पुरानी बदहाली में लौट आएगा?
जिला ब्यूरो- रंजीत, महाराजगंज ।
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