महराजगंज जनपद के घुघली विकासखंड अंतर्गत बिशुनपुर गबढूआ ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मजदूरों के ही हाजिरी दर्ज की जा रही है, जबकि मौके पर कोई कार्य होता नहीं दिख रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक एवं सचिव की आपसी मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। कार्यस्थल पर न तो मजदूर मौजूद रहते हैं और न ही कोई निर्माण या विकास कार्य दिखाई देता है, इसके बावजूद अभिलेखों में कार्य पूर्ण दर्शाया जा रहा है।
इसी तरह की स्थिति दूसरे ग्राम सभा विशुनपुर गबढूआ में भी देखने को मिली, जहां 27 मजदूरों की हाजिरी दर्ज पाई गई, लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर एक भी मजदूर उपस्थित नहीं था।
मामले को लेकर जब मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी (एपीओ) अजीत से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे विभागीय उदासीनता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो जाएगा।
0 Comments