फरवरी में हरी मिर्च ' हुई लाल ' *20 रुपये पाव से सीधे 160रुपये किलो तक पहुंची कीमत, सहालग और कम आवक ने बढ़ाई तीखापन

महराजगंज,जिले में फरवरी माह के दौरान हरी मिर्च के दाम अचानक तीखे हो गए हैं। फुटकर बाजार में हरी मिर्च 4Oरुपये पाव की दर से बिक रही है, जिससे आम रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। बीते सप्ताह तक 20 रुपये पाव बिकने वाली मिर्च अब 160 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है।
कारोबारियों के मुताबिक दामों में इस उछाल के पीछे बाहरी जिलों से कम आवक और सहालग के चलते बढ़ी मांग प्रमुख कारण हैं। 
 *बारिश और शीतलहर से प्रभावित हुई फसल* 
जनपद हरी मिर्च की आपूर्ति के लिए मुख्यतः रामपुर, बाराबंकी और वाराणसी पर निर्भर है। इन जिलों में हरी मिर्च का सर्वाधिक रकबा है।
बीते दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और शीतलहर के कारण तैयार फसल प्रभावित हुई, जिससे मंडियों में आवक कम होने लगी। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
 *पांच फरवरी के बाद बढ़े दाम* 
मुख्यालय के सब्जी कारोबारी राजेश मौर्य और असलम ने बताया कि पांच फरवरी के बाद से ही हरी मिर्च के रेट बढ़ने शुरू हो गए थे। मंडी में कम आवक के कारण थोक दाम बढ़े और फुटकर बाजार में पहुंचते-पहुंचते कीमतें और चढ़ गईं।
कैटरिंग कारोबारी बारी अमन वर्मा का कहना है कि इन दिनों लग्न (सहालग) का सीजन चल रहा है। शादियों और आयोजनों में सब्जियों की खपत अधिक होती है, जिससे मांग बढ़ी है। मांग और आपूर्ति के असंतुलन ने दामों को और तीखा बना दिया है।
 *रसोई पर असर* 
हरी मिर्च, जो आमतौर पर हर रसोई का अनिवार्य हिस्सा है, अब आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों के बढ़ते दाम से घरेलू बजट गड़बड़ा गया है।
यदि आवक सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उछाल की आशंका जताई जा रही है।

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