केन्द्रीय बजट 2026-2027 का प्रेस वार्ता करते डा० दयाशंकर मिश्र


पत्रकार वार्ता (केंद्रीय बजट 2026-27)

प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला एक सशक्त और दूरदर्शी विज़न डॉक्यूमेंट है।

डॉ. दयालु ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर ध्यान दिया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जिसे किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इस क्षेत्र में अब तक का सबसे मजबूत और निरंतर निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

आयुष मंत्री ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़ गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

उन्होंने बताया कि पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग (वाटरवे) शुरू किए जाएंगे। वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

डॉ. दयालु ने कहा कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक का निवेश किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थलों को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।

मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को और अधिक सशक्त किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं औद्योगिक विकास को नई गति देंगी।

एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 2000 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के कुटीर एवं लघु उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा।

डॉ. दयालु ने बताया कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की जाएगी। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिससे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही औद्योगिक नगरियों के समीप यूनिवर्सिटी टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि तथा स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट लैब की स्थापना से रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उच्च मूल्य कृषि, विविधीकरण, एआई आधारित भारत विस्तार योजना और समर्थन मूल्य को सशक्त बनाने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।

डॉ. दयालु ने बताया कि केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, जिला महामंत्री बबलू यादव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल, नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, आकाश गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी संजीव शुक्ला तथा भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी गढ उपस्थित रहे ।

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