महराजगंज घुघली कस्बे के मुख्य मार्ग पर धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध टैक्सी स्टैंड अब आमजन के लिए खतरे का सबब बनते जा रहे हैं, लेकिन हैरत की बात यह है कि शासन-प्रशासन और यातायात पुलिस की नजरें मानो इन पर टिकती ही नहीं।
मुख्य सड़क पर दिनभर टैक्सियों की अवैध पार्किंग, यात्रियों की भीड़, जाम और अफरा-तफरी आम बात हो चुकी है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाएं हर दिन जोखिम उठाकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। बावजूद इसके, स्थित थानों की पुलिस और यातायात विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दोपहिया वाहन चालकों तक सीमित रह गई है। हेलमेट, कागज और चालान के नाम पर बाइक सवारों को रोका जाता है, जबकि अवैध टैक्सी स्टैंड पर न तो कार्रवाई होती है और न ही भीड़ हटाई जाती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आमजन के बीच यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि कहीं अवैध टैक्सी स्टैंड संचालकों और यातायात पुलिस व थाने की पुलिस के बीच कोई मिलीभगत तो नहीं?
यदि ऐसा नहीं है, तो फिर सवाल उठता है कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम हो रहे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते इन अवैध टैक्सी स्टैंडों को हटाया नहीं गया, तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।अब बड़ा सवाल यह है— क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे? या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही कुंभकर्णी नींद टूटेगी?
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