ज्ञान गंगा में उमड़ा आस्था का सैलाब: दरौली में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा

महराजगंज, जनपद के ग्राम सभा दरौली में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना की अनुपम धारा प्रवाहित हो रही है। पावन श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन पूरे श्रद्धाभाव के साथ किया जा रहा है, जहाँ कथा व्यास अखिलेश कृष्ण शास्त्री अपनी ओजस्वी वाणी से श्रोताओं को धर्म, कर्म और भक्ति का मर्म समझा रहे हैं।
कथा के यजमान एवं परीक्षित श्री रमाशंकर प्रजापति द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य सनातन संस्कृति की जड़ों को और अधिक सुदृढ़ करना है। कथा व्यास शास्त्री जी ने बताया कि वर्तमान समय में मनुष्य काल की चौखट पर खड़ा है, ऐसे में अपने जीवन की रक्षा और आत्मकल्याण का एकमात्र मार्ग भगवान की भक्ति और सत्कर्म ही है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति की महिमा और जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है। शास्त्री जी ने कहा कि जब मनुष्य अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर ईश्वर की शरण में जाता है, तभी उसका जीवन सार्थक बनता है।
कार्यक्रम स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा रस का पान कर रहे हैं। वातावरण में भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। महिलाएं, पुरुष और युवा सभी श्रद्धा से कथा श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी धार्मिक कथाएं समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करती हैं और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करती हैं। दरौली की पावन धरती पर बह रही यह ज्ञान गंगा लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
कथा स्थल पर उमड़ रही आस्था की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति की जड़ें आज भी जनमानस में गहराई से विद्यमान हैं।

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