महराजगंज, पनियरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा जड़ार क्षेत्र में आयोजित श्रीमद् पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन का आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भावना से ओत-प्रोत रहा। प्रातःकालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र मंत्रमुग्ध हो उठा।
इस अवसर पर युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा भेजे गए देवदूत ने अत्यंत रोचक, संगीतमय एवं प्रेरणादायक शैली में यज्ञ की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, मानसिक एवं शारीरिक संतुलन का सशक्त माध्यम है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में वातावरण शुद्ध और ऑक्सीजन स्तर बेहतर रहा, वहां संक्रमण का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखा गया। यज्ञ के माध्यम से वातावरण की शुद्धि होती है, जिससे प्राणवायु सशक्त बनती है और इसका लाभ समस्त जीव-जगत को प्राप्त होता है।
आचार्य जी ने जीवन के विविध संस्कारों—नामकरण, अन्नप्राशन, विद्यारंभ, दीक्षा आदि—का अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायक व्याख्यान किया। उनके प्रभावशाली संबोधन से प्रेरित होकर अनेक अभिभावक अपने बच्चों के विद्यारंभ संस्कार हेतु आगे आए, वहीं कई श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा ग्रहण की। सभी संस्कार विधिवत संपन्न कराए गए।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता उल्लेखनीय रही। यज्ञ स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा वातावरण आध्यात्मिक भाव से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने यज्ञ महिमा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
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