कोई पार्टी व्हिप नहीं, भारत की आत्मा के लिए वोट करें… उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी की अपील




इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने रविवार को सांसदों से आगामी चुनाव में “सोच-समझकर वोट” देने की अपील की और उनसे पार्टी लाइन से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में, रेड्डी ने सांसदों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “माननीय सदस्यगण… उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 2-3 दिनों में होने वाला है. मैं सभी से विनम्र निवेदन करता हूं कि वे सोच-समझकर वोट करें और पार्टी हित से ऊपर राष्ट्रहित को रखेंय”

रेड्डी ने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि आप जो भी फैसला लेंगे, वह मेरे या आपके हित में नहीं, बल्कि राष्ट्र के हित में होगा. आपका जो भी फैसला होगा, मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं.”

इस चुनाव को सिर्फ एक संवैधानिक पद के लिए चुनाव से कहीं बढ़कर बताते हुए, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, “यह सिर्फ उपराष्ट्रपति पद के लिए वोट नहीं है; यह भारत की आत्मा के लिए वोट है.”

राष्ट्र की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है

उन्होंने सांसदों को उनकी संवैधानिक भूमिका की याद दिलाते हुए कहा, “राष्ट्र की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है, और आप सभी संसद सदस्य होने के नाते आपकी जिम्मेदारी और भी ज्यादा है.”

अपने संबोधन के समापन पर, रेड्डी ने कहा, “आइए हम सब मिलकर अपने गणतंत्र को मजबूत करें और एक ऐसी विरासत बनाएं, जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें. अब यह भारत की जनता को तय करना है.”

उन्होंने कहा कि मेरे पास जनसेवा का दशकों का अनुभव है. मैं हमारे लोकतंत्र की भावना और कार्यप्रणाली, दोनों को समझता हूं. यह अनुभव मुझे संसदीय परंपराओं के एक निष्पक्ष और गरिमापूर्ण संरक्षक के रूप में सेवा करने के लिए सक्षम बनाता है.

रेड्डी ने सांसदों से किया ये वादा

रेड्डी ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एक बार कहा था, “एकता का सबसे मजबूत बंधन हमारे देश के प्रति हमारा साझा स्नेह है.” इस बंधन ने मेरी यात्रा के हर चरण में मेरा मार्गदर्शन किया है और मुझे हमारे लोकतंत्र के एक निष्पक्ष संरक्षक के रूप में सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहता है.

उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति को इस संतुलन, बुद्धिमत्ता और तटस्थता का प्रतीक होना चाहिए—ये सिद्धांत मैंने हमेशा सभी दलों की आवाजों का सम्मान करते हुए स्थापित किए हैं. निर्वाचित होने पर, मैं राज्यसभा को तार्किक बहस और रचनात्मक संवाद का एक सच्चा मंच बनाने का प्रयास करूंगा.

उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होने हैं. रेड्डी को पिछले महीने विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया था. सत्तारूढ़ एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को इस पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है.


Post a Comment

0 Comments