कुशीनगर,जनपद के बरसैना ग्राम सभा निवासी पशु चिकित्सा विभाग के सेवानिवृत्त वेरिटनरी कंपाउंडर बाबू भगवंत राव पुत्र स्व. फौजदार राव ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए आज की बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई इतनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है कि आम आदमी का जीवन यापन करना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है।
बाबू भगवंत राव ने बताया कि उन्होंने 5 जून 1962 को पशु विभाग में कंपाउंडर के पद पर बरहज में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। उस समय उनका मासिक वेतन मात्र 90 रुपये था। उन्होंने बताया कि सीमित वेतन के बावजूद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाया।
उन्होंने कहा कि अपनी सेवा अवधि के दौरान उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराई, चार बेटियों और दो बेटों की शादियां कराईं तथा अपने रहने के लिए एक बड़ा और अच्छा मकान भी बनवाया। यह सब उन्होंने बहुत ही कम आय में संयम और मेहनत के बल पर संभव किया।
बाबू भगवंत राव कुसमी जंगल से 3 सितंबर 2000 को सेवा से सेवानिवृत्त हुए, जिसके बाद उन्हें 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलना शुरू हुआ। समय के साथ पेंशन बढ़ते-बढ़ते अब करीब 38 हजार रुपये हो गई है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में खर्च चलाना कठिन हो गया है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज की महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। पहले कम आय में भी परिवार की जरूरतें पूरी हो जाती थीं, लेकिन आज अधिक आय होने के बावजूद खर्च संभालना मुश्किल हो गया है।
बाबू भगवंत राव ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण करने की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो देश की आर्थिक स्थिति पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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